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टिहरी रियासत में शिक्षा

प्रारंभिक टिहरी के शासकों ने ( जिनमें सुदर्शन शाह एवं भवानी शाह प्रमुख थे |) ने शिक्षा को कोई उचित महत्व नहीं दिया | इसलिए यह देश के प्रति उदासीन…

टिहरी रियासत में प्रशासन

राज्य ! ठाण ! ठाणदार परगना ! सुपरवाइजर पट्टी ! पटवारी प्रशासकीय पुलिस व्यवस्था गांव ! पधान , पधानचारी (सर्वश्रेष्ठ खेती की भूमि पधान को देते थे |) राजा !…

टिहरी

सुदर्शन शाह 1815-1859 (सभासार पुस्तक) भवानी शाह 1859-1871 प्रताप शाह 1871-1888 किर्ती शाह 1888-1913 नरेंद्र शाह 1913-1943 मानवेंद्र शाह 1946-1949 अंग्रेजों ने गढ़वाल तथा कुमाऊं को गोरखा शासन से मुक्ति…

चंदवंश 12 वीं 18 वीं सदी

कत्यूरियों के पश्चात कुमाऊं क्षेत्र में चंद वंश का उद्भव हुआ | चंद वंशों ने न केवल कुमाऊं क्षेत्र को राजनैतिक एकता के सूत्र में बांधा , बल्कि वहां पर…

पंवार / परमार वंश

बैकेट एवं पंवार वंश के शासक सुदर्शन शाह द्वारा लिखित पुस्तक “सभासार” में वर्णित राजाओं की वंशावली के आधार पर यह प्रमाणित होता है | 1 :- कनक पाल गढ़वाल…

कत्यूरी वंश 7 वीं से 15 वीं सदी

हर्षवर्धन के पश्चात उत्तराखंड क्षेत्र में अनेक छोटे-छोटे राजवंशों का उद्भव हुआ । जिनमें ब्रह्मपुर , गोविषाण, शत्रुघन आदि राज्य प्रमुख थे । ब्रह्मपुर राज्य के पतन के पश्चात 7वीं…

कुणिंद वंश

कुणिंद वंश उत्तराखंड के मध्य हिमालय एवं पर्वतीय हिमालय में मौर्य वंश के समकालीन कुणिंद ने अपनी सत्ता स्थापित की। यह संभवत उत्तराखंड का पहला राजनैतिक वंश था | इस…

उत्तराखंड का इतिहास

उत्तराखंड का इतिहास 1-साहित्यिक 2-पुरातात्विक 3-विदेशी यात्रियों के विवरण     उत्तराखंड के जानकारी के स्रोतों में निरंतरता का अभाव मिलता है क्योंकि प्राचीन समय से ही इस क्षेत्र का…