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CTET/UTET/KVS MOST IMPORTANT CHILD DEVELOPMENT AND PEDAGOGY QUESTIONS (PART – 1)

1 – बालक का विकास परिवर्तनशील होता है | जो गुणात्मक तथा परिणात्मक दोनों रूपों में होता है | बालक के विकास में होने वाली गुणात्मक परिवर्तन का अंग नहीं है –

(a) सीखने की क्षमता में परिवर्तन
(b)सांवेगिक नियंत्रण में परिवर्तन
(c)शरीर के भीतरी अंगों में परिवर्तन
(d)भाषा के सीखने की क्षमता में परिवर्तन

2 – डिसग्राफिया संबंधित है –

(a)गणित संबंधी विकार से
(b)लेखन संबंधी विकार से
(c)पढ़ने संबंधी विकार से
(d)भाषा संबंधी विकार से

3 – निम्न में से मास्लो द्वारा बताई गई बालकों की मूल आवश्यकता है –

(a) ज्ञान संबंधी आवश्यकताएं
(b) न्यूनता अभिप्रेरक आवश्यकताएं
(c) बोध संबंधी आवश्यकताएं
(d) आत्मविकास संबंधी आवश्यकताएं

4 – टरमैन ने साबित किया कि प्रतिभाशाली बच्चे –

(a) वयस्क होने पर मानसिक रोगों के प्रति असंवेदनशील होते हैं
(b) बौद्धिक स्तर पर परीक्षण में औसतन व्यस्को के बराबर अंक प्राप्त करते हैं
(c) युवा काल के दौरान सफल रहते हैं लेकिन व्यस्क काल के दौरान अपनी संभावनाओं तक पहुंचने में असफल रहते हैं
(d) सामान्य व्यस्क होने पर आमतौर पर अपने चुने हुए पेशे में सफल रहते हैं

5 – ऐसे बालक जो सामाजिक संबंधों में सर्वाधिक नकारात्मकता गुणों का प्रदर्शन करते हैं उदाहरण के लिए आज्ञा न मानना आदि के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए –

(a) उसे आदेश देना बंद कर दिया जाए
(b) उसके इस व्यवहार को विकास के संभावित घटना समझकर ध्यान नहीं दिया जाए
(c) उस पर काफी दबाव डाला जाए जिससे वह कक्षा के अंदर शिक्षार्थियों की तरह आज्ञा का पालन सीख जाए
(d) उसके प्रत्येक कार्य की प्रशंसा की जाए ताकि वह सकारात्मक व्यवहार ग्रहण कर ले

6 – जब बालक अपने ज्ञान एवं अनुभव के माध्यम से किसी समस्या के प्रत्येक पहलू को जानने लगता है तो वह समाधान खोज लेता है-
(a) अनुभव का
(b) बच्चे का
(c) स्वयं का
(d) इनमें से कोई नहीं

7 – प्रारंभ में बालक आत्म केंद्रित होता है | किंतु धीरे-धीरे समाजीकरण की प्रक्रिया के माध्यम से उसका दृष्टिकोण समाज की ओर केंद्रित हो जाता है यह विचार संबंधित है –
(a) परस्पर संबंध का सिद्धांत
(b) क्रमिकता का सिद्धांत
(c) अंतः संबंध का सिद्धांत
(d) निरंतरता का सिद्धांत

8 – वाइगोत्सकी के सामाजिक विकास सिद्धांत में नियत नहीं है |
(a) अधिगम के माध्यम से ही ज्ञानात्मक विकास संभव है
(b) बालक के ज्ञानात्मक विकास में संस्कृति एवं समाज महत्वपूर्ण कारक है
(c) एक अकेले अमूर्त सिद्धांत से भी बालक में ज्ञानात्मक विकास की व्याख्या की जा सकती है
(d) निकटस्थ विकास क्षेत्र जेडीबी बालक के मानसिक कार्यों पर आधारित है

9 – सतत और व्यापक मूल्यांकन बल देता है

(a) व्यापक पैमाने पर अधिगम को सुनिश्चित करने के लिए
(b) सतत परीक्षण पर सीखने को किस प्रकार अवलोकित कर रिकॉर्ड और सुधारा जाए
(c) इस पर शिक्षण के साथ परीक्षाओं का सामंजस्य पर
(d) बोर्ड परीक्षाओं की अनावश्यकता पर

10 – बालक के किसी सामग्री की गलत प्रयोग करने पर डांटने से –

(a) वह गलती में सुधार कर लेता है
(b) उसकी स्वाभाविक क्रियाशीलता में रुकावट आती है
(c) वह उस सामग्री का प्रयोग करना छोड़ देता है
(d) उसे अध्यापक पर क्रोध आता है

1 – b2 – c3 – d4 – d5 – d6 – c7 – b8 – c9 – b10 – b

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