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उत्तराखंड एक नजर में(भूगोल )

भौगोलिक स्तिथि पूर्णतया उत्तरी एवं पूर्वी गोलार्ध से – अक्षांशीय विस्तार 8°48′ से 31°27′ N कुल विस्तार – 2°44 ‘ देशांतर विस्तार 77°34′ पूर्व से लेकर 81°02 कुल विस्तार –…

उत्तराखंड की प्रमुख पत्र – पत्रिकाएं एवं पुस्तकें

उत्तराखंड में पत्रकारिता का पितामह विशम्बर दत्त चंदोला को कहते है – उत्तराखंड में प्रमुख संपादक एवं पत्र पत्रिकाएं निम्नलिखित थी – द हिल्स 1842 – जॉन मैकिनन यह उत्तराखंड…

उत्तराखंड राज्य के गठन / पृथक राज्य आंदोलन के कारण

भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विषमता प्रशासनिक शिथिलता एवं अलगाव अनअद्यौगिकरण एवं पलायन प्राकृतिक आपदाएं सामरिक महत्व प्राकृतिक सौंदर्य एवं अपनी विशिष्ट भौगोलिकता के कारण उत्तराखंड पूरे देश में अलग स्थान रखता…

कुछ महत्वपूर्ण-

कुली बेगार ब्रिटिश काल में कुली बेगार प्रथा पर प्रचलन में थी | इस प्रथा के अनुसार – जब अंग्रेज एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाते थे | तो…

उत्तराखंड में राष्ट्रीय आंदोलन का प्रभाव

उत्तराखंड की सभी राष्ट्रीय आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका रही | किंतु भारत में राष्ट्रीय आंदोलन , जहां ब्रिटिश सरकार की शोषणकारी नीतियों के खिलाफ , भारत में उत्तरदाई शासन की…

ब्रिटिश कुमाऊं गढ़वाल

ई0 गार्डनर जॉर्ज विलियम ट्रेल जॉर्ज गोबान जॉर्ज लूशिंगटन बैटन रैम्जे (कुमाऊँ का राजा) 1815 में कुमाऊं तथा ब्रिटिश गढ़वाल पर अधिकार करने के पश्चात | अंग्रेजों ने ई0 गार्डनर…